बिहारशरीफ/राजगीर: शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वास्तविक ज्ञान दुनिया को करीब से देखने और समझने में है। इसी उद्देश्य के साथ, द्रोण इंटरनेशनल स्कूल द्वारा छात्रों के लिए दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) का आयोजन किया गया। इस बार भ्रमण के लिए ऐतिहासिक नगरी राजगीर का चयन किया गया, जहाँ छात्रों ने ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति का भरपूर आनंद लिया।

उत्साह और उमंग का संगम
भ्रमण की शुरुआत स्कूल परिसर से हुई, जहाँ प्रधानाचार्य ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। छात्रों में सुबह से ही गजब का उत्साह देखा गया। सफर के दौरान बच्चों ने गीतों और चर्चाओं के माध्यम से माहौल को खुशनुमा बनाए रखा।

इन प्रमुख स्थलों का किया भ्रमण
राजगीर पहुँचते ही बच्चों को विभिन्न समूहों में बांटा गया ताकि वे हर स्थल की बारीकियों को समझ सकें:
- विश्व शांति स्तूप: रत्नागिरी पर्वत पर स्थित इस सफेद संगमरमर के स्तूप को देखकर छात्र मंत्रमुग्ध हो गए। यहाँ उन्हें भगवान बुद्ध के जीवन और शांति के संदेश के बारे में बताया गया।
- ग्लास ब्रिज (Nature Safari): रोमांच के शौकीन छात्रों के लिए कांच का पुल आकर्षण का केंद्र रहा। प्रकृति की गोद में बने इस आधुनिक संरचना ने बच्चों को काफी रोमांचित किया।
- सप्तपर्णी गुफा और वेणुवन: छात्रों ने उस स्थान को भी देखा जहाँ बौद्ध धर्म की पहली संगीति हुई थी। शिक्षकों ने उन्हें मगध साम्राज्य और बिम्बिसार के इतिहास से अवगत कराया।
- पांडु पोखर और गर्म जल के कुंड: यहाँ बच्चों ने प्रकृति और जल संरक्षण के महत्व को समझा।

सीखने के साथ मनोरंजन
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपनी विरासत और संस्कृति से जोड़ना था। शिक्षकों ने मौके पर ही बच्चों को राजगीर के भू-वैज्ञानिक महत्व और मौर्य वंश के इतिहास के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को अपनी डायरी में नोट किया, बल्कि ग्रुप फोटो और सेल्फी के जरिए इन यादों को कैद भी किया।
“इस तरह के भ्रमण से बच्चों का नजरिया बदलता है। किताबी पन्नों में जो इतिहास वे पढ़ते हैं, उसे साक्षात देखना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है।” – स्कूल प्रबंधन
निष्कर्ष
शाम को वापसी के समय सभी बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। द्रोणा इंटरनेशनल स्कूल का यह प्रयास सफल रहा, क्योंकि छात्रों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि व्यवहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) का खजाना भी बटोरा। बच्चों ने इस सफल यात्रा के लिए स्कूल प्रशासन और अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

