मुजफ्फरपुर :- बिहार शिक्षा परियोजना और जिला प्रशासन मुजफ्फरपुर ने जिले के लाखों स्कूली बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। कल, 10 जनवरी 2026 को मुजफ्फरपुर जिले के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई (CBSE), मदरसा, संस्कृत विद्यालय और बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य सभी शिक्षण संस्थानों में एक साथ APAAR ID (One Nation One Student ID) निर्माण के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा।
राज्य परियोजना निदेशक, पटना द्वारा आज सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से दिए गए कड़े निर्देशों के बाद जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह से रेस हो गया है। लक्ष्य स्पष्ट है: जिले में लंबित कुल 2,06,624 बच्चों की APAAR ID कल ही हर हाल में बनानी है।

क्यों जरूरी है APAAR ID? (सुविधाएं और सख्ती)
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन बच्चों के पास अपनी विशिष्ट APAAR ID या पेन (PEN) नंबर नहीं होगा, उन्हें आने वाले शैक्षणिक सत्र में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
- सरकारी लाभों पर रोक: भविष्य में मिलने वाली सभी सरकारी योजनाएं, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जिनके पास APAAR ID होगी।
- नामांकन में बाधा: अगली कक्षा में प्रोन्नति (Promotion) और नामांकन के समय APAAR ID अनिवार्य होगी। इसके बिना प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।
- डिजिटल लॉकर: यह आईडी बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, अंक पत्र और प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए एक ‘डिजिटल लॉकर’ के रूप में कार्य करेगी।

संकुल केंद्रों पर होगा समस्याओं का समाधान
सरकारी विद्यालयों के लिए यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने संबंधित संकुल (Cluster) केंद्रों पर आयोजित कैंप में शामिल हों। यदि किसी बच्चे की आईडी बनाने में तकनीकी समस्या आ रही है, तो कल के विशेष कैंप में ही उन त्रुटियों को सुधार कर आईडी जनरेट करना सुनिश्चित किया जाएगा।
अभिभावकों से विशेष अपील
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे कल अपने बच्चों के विद्यालय जरूर पहुंचें। आईडी निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड और मोबाइल नंबर) साथ रखें ताकि मौके पर ही प्रक्रिया पूरी की जा सके। यह बच्चे के शैक्षणिक जीवन की पहचान है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों पर होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं। यदि कल के कैंप के बाद भी किसी स्कूल में बच्चों की APAAR ID लंबित पाई जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रबंधक की होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लक्ष्य प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के विरुद्ध अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- तारीख: 10 जनवरी 2026 (शनिवार)
- लक्ष्य: 2,06,624 लंबित बच्चों की आईडी।
- स्थान: जिले के सभी मान्यता प्राप्त सरकारी व निजी स्कूल।
- जरूरी: अगली कक्षा में प्रवेश और सरकारी सुविधाओं के लिए अनिवार्य।