मुजफ्फरपुर। जिला मुख्यालय के गोबरसही स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, द्रोण इंटरनेशनल स्कूल में आज 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया गया। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस समारोह में न केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, बल्कि नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से आधुनिक भारत की एक नई तस्वीर पेश की।

शानदार ध्वजारोहण और राष्ट्रगान
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विद्यालय के निदेशक द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। जैसे ही तिरंगा आसमान की बुलंदियों को छूने लगा, पूरा परिसर ‘जन-गण-मन’ की गूंज और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। स्कूल के सभी शिक्षक और सारे बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी, जो अनुशासन और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम था।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
ध्वजारोहण के पश्चात छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।
निदेशक का संबोधन: “शिक्षा ही असली आजादी है”
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा:
“गणतंत्र का अर्थ केवल एक अवकाश नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन का दिन है। द्रोण इंटरनेशनल स्कूल का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो भारत को विश्व गुरु बनाने में अपना योगदान दे सकें। संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनके साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।”

समापन और मिष्ठान वितरण
समारोह का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी उपस्थित छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ के बीच मिठाई वितरित की गई। ठंड के बावजूद बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर चेहरे पर तिरंगे की चमक और राष्ट्र के प्रति सम्मान साफ झलक रहा था।
