हरारे (जिम्बाब्वे): भारतीय क्रिकेट के युवा शेरों ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया है। जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में खेले गए U19 वर्ल्ड कप 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर छठी बार विश्व विजेता का ताज अपने नाम कर लिया है।
इस खिताबी जीत के सबसे बड़े नायक रहे सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फाइनल के सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त कर दिए। कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए यह गौरव हासिल किया।
सूर्यवंशी का ‘विराट’ अवतार: फाइनल में रिकॉर्ड्स की झड़ी
मैच की शुरुआत से ही भारत के इरादे साफ थे। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने वह कर दिखाया जो आज तक अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में कोई नहीं कर पाया था:
- सबसे तेज शतक: वैभव ने मात्र 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास का सबसे तेज शतक है।
- तूफानी 175: उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रन बनाए, जिसमें 15 गगनचुंबी छक्के और 15 चौके शामिल थे।
- टीम का विशाल स्कोर: वैभव की पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 411 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। यह किसी भी U19 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।

इंग्लैंड का संघर्ष: कैलब फैल्कनर की जुझारू पारी
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने शुरू में लड़खड़ाती नजर आई। एक समय इंग्लैंड ने 177 रनों पर 7 विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि मैच बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।
लेकिन, मध्यक्रम के बल्लेबाज कैलब फैल्कनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने मात्र 67 गेंदों में 115 रनों की धुआंधार पारी खेलकर अंग्रेज खेमे में जीत की उम्मीद जगाई। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और इंग्लैंड की पूरी टीम को 311 रनों पर समेट दिया।
छठी बार ‘विश्व विजेता’ भारत: वर्ल्ड रिकॉर्ड और मजबूत हुआ
इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। भारत अब तक 6 बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022 और 2026) यह खिताब जीत चुका है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप के सबसे सफल देश: | देश | खिताबी जीत | भारत | 06 | | ऑस्ट्रेलिया | 04 | | पाकिस्तान | 02 |
क्यों खास है यह जीत?
यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी की सूझबूझ और वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट की अगली पौध तैयार है। जहां इंग्लैंड 28 साल से अपने खिताबी सूखे को खत्म करने उतरा था, वहीं टीम इंडिया ने उन्हें चारों खाने चित कर दिया।
“मैदान पर लड़कों का जज्बा देखने लायक था। वैभव की पारी ने मैच को पहले ही हमारे पक्ष में कर दिया था।” — भारतीय कैंप से मिली प्रतिक्रिया
