गया/शेरघाटी:
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ अपने कड़े तेवर साफ कर दिए हैं। गया जिले के शेरघाटी में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे डिप्टी सीएम ने ऐलान किया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
24 घंटे में बुलडोजर कार्रवाई का वादा
सोमवार (15 दिसंबर, 2025) को जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “अगर आपको लगता है कि किसी अपराधी या माफिया ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है, तो आप बस आवेदन दीजिए। 24 घंटे के भीतर उस अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में सुशासन स्थापित करना ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है और उनका एकमात्र काम माफिया का ‘इलाज’ करना है।

सफाई अभियान: सड़कों से लेकर सिस्टम तक
नीतीश कुमार के सुशासन का हवाला देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में अभी ‘सफाई अभियान’ चल रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए कहा, “अभी सड़कों की सफाई हो रही है, आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
रोजगार और पलायन पर बड़ा बयान
अपराध के अलावा, डिप्टी सीएम ने बिहार के युवाओं के भविष्य पर भी बात की। उन्होंने वादा किया कि बिहार में उद्योगों का ऐसा जाल बिछाया जाएगा कि यहां के किसी भी बच्चे को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “20 साल बाद जनता ने इतनी मजबूती से समर्थन दिया है, अब हमारा संकल्प है कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाया जाए।”

नक्सलवाद और महिला सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस
सम्राट चौधरी ने महिला सुरक्षा पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि गर्ल्स स्कूल हो या महिला कॉलेज, मनचलों की अब खैर नहीं। वहीं, नक्सल प्रभावित इलाकों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार के लक्ष्य को दोहराया।
उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। जो 5-6 नक्सली बचे हैं, अगले तीन महीनों में या तो वे जेल में होंगे या फिर उनका ‘पिंडदान’ तय कर दिया जाएगा।”
खबर की मुख्य बातें (Key Highlights):
- बुलडोजर एक्शन: सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का आदेश।
- माफिया राज: सम्राट चौधरी ने कहा- मेरा एक ही काम है, माफिया का इलाज करना।
- रोजगार: बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देकर पलायन रोकने का संकल्प।
- नक्सलवाद: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की समय सीमा तय।