उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) में स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। मंगलवार को यहां एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जांच में हो रही अत्यधिक देरी से नाराज मरीजों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

वोल्टेज की समस्या से जला ट्रांसफॉर्मर
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली आपूर्ति में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (फ्लक्चुएशन) के कारण मुख्य एक्स-रे मशीन का ट्रांसफॉर्मर जल गया है। इस वजह से अस्पताल की सबसे आधुनिक और तेज गति से काम करने वाली एफडीआर (FDR) मशीन पूरी तरह बंद हो गई है।
वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी, बढ़ रही कतारें
मुख्य मशीन के बंद होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दो पुरानी सीआर (CR) मशीनों के जरिए जांच शुरू कराई, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई।
- समय का अंतर: तकनीकी कर्मियों ने बताया कि खराब हुई एफडीआर मशीन से महज एक मिनट में मरीज का एक्स-रे हो जाता था, जबकि अभी चल रही सीआर मशीन से एक मरीज की जांच में पांच मिनट से अधिक का समय लग रहा है।
- मरीजों का दबाव: एसकेएमसीएच में प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों का एक्स-रे होता है। धीमी गति से जांच होने के कारण ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों इंतजार के बावजूद नंबर न आने पर मरीजों का धैर्य जवाब दे गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस पूरे मामले पर एसकेएमसीएच की अधीक्षक प्रो. डॉ. आभा रानी सिन्हा ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा, “मशीन के ट्रांसफॉर्मर में खराबी आई है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को सूचना दे दी गई है। जल्द ही मशीन को ठीक कराकर सेवा सुचारु कर दी जाएगी।”