भारत सरकार जल्द ही पहचान के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करने की प्रथा पर प्रतिबंध लागू होने की उम्मीद है। इस नए बदलाव के तहत, होटल या अन्य संस्थानों को अब कागजी प्रतियों के बजाय डिजिटल वेरिफिकेशन या क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा। इन जगहों पर आधार-आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य किया जाएगा ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस नीति का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग को रोकना और पहचान की चोरी जैसे खतरों को कम करना है। इस कदम से नागरिकों को बार-बार फोटोकॉपी कराने की असुविधा से राहत मिलेगी और डेटा अधिक सुरक्षित रहेगा। यह डिजिटल बदलाव सुरक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण और आधुनिक कदम माना जा रहा है।
सरकार आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर प्रतिबंध लगाने की योजना क्यों बना रही है?
सरकार आधार कार्ड की फोटो कॉपी के दुरुपयोग (misuse) को रोकने के लिए इस पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है. अक्सर होटलों या अन्य समान स्थानों पर पहचान के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी मांगी जाती है, लेकिन नई योजना के तहत इसे बंद करने की तैयारी है.
फोटो कॉपी के स्थान पर अब डिजिटल सत्यापन (digital verification) पर जोर दिया जाएगा, जो आधार ऐप या क्यूआर कोड के माध्यम से किया जाएगा. साथ ही, जिन होटलों और कार्यक्रमों में आधार कार्ड की मांग की जाती है, वहां आधार-आधारित सत्यापन प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा.

यह बदलाव वैसा ही है जैसे आप अपने घर की चाबी की कई भौतिक नकल (physical copies) बांटने के बजाय, एक सुरक्षित डिजिटल चाबी का उपयोग करें जिसे कोई चुरा या कॉपी नहीं सकता; इससे आपकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है और जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाता।
इस योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• होटल्स और अन्य स्थानों पर प्रतिबंध: यूआईडीएआई (UIDAI) के अनुसार, होटल्स या ऐसी समान जगहें जहाँ आमतौर पर पहचान पत्र की फोटो कॉपी मांगी जाती है, वहां अब इसे प्रतिबंधित करने की योजना है.
• डिजिटल वेरिफिकेशन का उपयोग: फोटो कॉपी के स्थान पर डिजिटल वेरिफिकेशन का विकल्प अपनाया जाएगा, जो आधार ऐप या क्यूआर कोड (QR code) के माध्यम से होगा.
• अनिवार्य प्रणाली: होटल्स और इवेंट्स जैसी जगहों पर आधार-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य (mandatory) होगा, ताकि भौतिक प्रतियों (physical copies) की आवश्यकता न पड़े.
इसे समझाने के लिए एक उदाहरण: आधार की फोटो कॉपी देना ऐसा है जैसे किसी को अपने घर की चाबी की नकल देना, जिसका वे बाद में गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, डिजिटल वेरिफिकेशन या क्यूआर कोड का उपयोग करना ऐसा है जैसे किसी को बंद दरवाजे की खिड़की से अपना चेहरा दिखाना—वे आपकी पहचान की पुष्टि कर लेते हैं, लेकिन उनके पास आपकी सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए कोई भौतिक चाबी (डाक्यूमेंट की कॉपी) नहीं बचती.

आधार कार्ड फोटो कॉपी के स्थान पर कौन से विकल्प होंगे?
सरकार आधार कार्ड की फोटो कॉपी के स्थान पर डिजिटल वेरिफिकेशन (Digital Verification) के विकल्पों को अपनाने की योजना बना रही है.
इसके अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीकों का उपयोग किया जाएगा:
• आधार ऐप (Aadhar App): पहचान की पुष्टि के लिए आधार ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा.
• क्यूआर कोड (QR Code): आधार कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करके वेरिफिकेशन किया जाएगा.
• आधार-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम: होटल्स और इवेंट्स जैसी जगहों पर, जहाँ आधार कार्ड मांगा जाता है, वहां आधार बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य (mandatory) होगा.
इसे समझने के लिए एक रूपक (analogy): यह वैसा ही है जैसे सिनेमा हॉल में कागज का टिकट जमा करने के बजाय मोबाइल पर ई-टिकट दिखाना—आपकी पहचान और अधिकार की पुष्टि तुरंत हो जाती है, लेकिन आपको अपना कोई भी दस्तावेज या कागज किसी को सौंपने की जरूरत नहीं पड़ती.
सरकार का यह नया नियम विशेष रूप से आधार कार्ड की फोटो कॉपी के “मिसयूज” (दुरुपयोग) को रोकने के लिए बनाया जा रहा है.
इस नियम का उद्देश्य और कार्यप्रणाली निम्नलिखित है:
• गलत इस्तेमाल पर रोक: यूआईडीएआई (UIDAI) का स्पष्ट कहना है कि यह नियम आधार कार्ड की फोटो कॉपी के माध्यम से होने वाले संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए है.
• होटल्स और अन्य स्थानों पर सुरक्षा: होटल्स, इवेंट्स या ऐसी जगहें जहाँ पहचान के लिए फोटो कॉपी जमा कराई जाती है, वहां अब इसे प्रतिबंधित करने की योजना है.
• सिस्टम में बदलाव: दुरुपयोग की संभावना को खत्म करने के लिए फोटो कॉपी के स्थान पर डिजिटल वेरिफिकेशन (आधार ऐप या क्यूआर कोड) और आधार-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम को अनिवार्य (mandatory) बनाया जाएगा.
सरल शब्दों में, जब आप किसी को कागज की फोटो कॉपी देते हैं, तो उस पर आपका पूरा डेटा होता है जिसका कोई भी बाद में इस्तेमाल कर सकता है; डिजिटल वेरिफिकेशन केवल यह पुष्टि करता है कि आप वही व्यक्ति हैं, बिना डेटा की नकल सौंपे.