नई दिल्ली | 24 दिसंबर 2025
उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने बुधवार शाम नई दिल्ली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात की। 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर हुई यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान पीड़िता की माँ और उसके पति भी साथ मौजूद थे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को एक मामले में जमानत दी है, जिससे पीड़िता का परिवार डरा हुआ है।
“भैया ने खुद फोन किया था” : भावुक हुई पीड़िता
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए पीड़िता काफी भावुक नजर आई। उसने कहा कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों ने उसकी गुहार नहीं सुनी, लेकिन राहुल गांधी ने खुद पहल की।
“मैंने प्रधानमंत्री से मिलने की गुहार लगाई, राष्ट्रपति से समय माँगा, लेकिन किसी ने मुझसे मुलाकात नहीं की। राहुल भैया ने मुझे सामने से कॉल किया और बुलाया। उन्होंने मुझे हिम्मत दी और न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया है। आज देश की बेटियों के मन में यह डर बैठ गया है कि अगर कोई ताकतवर व्यक्ति उनके साथ गलत करेगा, तो वह सजा काट कर भी बाहर आ जाएगा।” – उन्नाव पीड़िता

गांधी परिवार के सामने रखी गईं 3 बड़ी मांगें
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता और उसके परिवार ने राहुल गांधी से सुरक्षा और कानूनी लड़ाई को लेकर तीन प्रमुख अनुरोध किए हैं, जिस पर राहुल गांधी ने सकारात्मक आश्वासन दिया है:
- सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए टॉप वकील: दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर को जमानत दिए जाने के बाद, परिवार अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहता है। उन्होंने राहुल गांधी से एक कद्दावर वकील उपलब्ध कराने में मदद मांगी है। राहुल गांधी ने तुरंत इस पर हामी भरी।
- सुरक्षित राज्य में स्थानांतरण (Relocation): पीड़िता ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उन्होंने किसी कांग्रेस शासित राज्य (जैसे तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक) में बसने की इच्छा जताई है। राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी उनकी सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करेगी।
- बेहतर रोजगार की मांग: पीड़िता के पति ने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बेहतर नौकरी का अनुरोध किया है, जिस पर विपक्ष के नेता ने ध्यान देने का वादा किया है।
सोनिया गांधी ने दिया माँ जैसा सहारा
मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने पीड़िता और उसकी माँ को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी संकेत दिया कि न्याय केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए।

कुलदीप सेंगर की जमानत पर मचा बवाल
यह पूरी मुलाकात उस कानूनी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसने एक बार फिर इस केस को चर्चा में ला दिया है।
- हाईकोर्ट से मिली बेल: दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को चार कड़े प्रतिबंधों के साथ बलात्कार के मामले में जमानत दे दी है।
- जेल में ही रहेगा सेंगर: राहत के बावजूद सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। उसे पीड़िता के पिता की कस्टोडियल मौत (हत्या) के मामले में भी 10 साल की सजा मिली हुई है।
- 28 दिसंबर का दिन है अहम: पिता की हत्या के मामले में सेंगर की जमानत याचिका पर 28 दिसंबर 2025 को फैसला आना है। यदि वहां से भी राहत मिलती है, तो सेंगर जेल से बाहर आ सकता है, जिसे लेकर पीड़िता का परिवार खौफ में है।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद और राजनीतिक सरगर्मी
उन्नाव पीड़िता की राहुल गांधी से यह मुलाकात केवल एक व्यक्तिगत मुलाकात नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। विपक्ष इस मुद्दे के जरिए महिला सुरक्षा और दोषियों को मिलने वाले कथित राजनीतिक संरक्षण पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अब सबकी नजरें 28 दिसंबर को आने वाले अदालती फैसले पर टिकी हैं।