टैटू और सरकारी नौकरी का संघर्ष आज के आधुनिक दौर में ‘टैटू’ (Tattoo) न केवल फैशन का हिस्सा है, बल्कि यह आत्म-अभिव्यक्ति (Self-expression) का एक जरिया बन चुका है। लेकिन, जब बात देश की सुरक्षा यानी भारतीय सेना (Indian Army), वायु सेना (Indian Air Force), नौसेना (Indian Navy) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की आती है, तो यह फैशन आपकी सफलता के आड़े आ सकता है। हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट के एक फैसले ने उन हजारों उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी है जो शरीर पर टैटू लेकर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे थे।
1. कलकत्ता हाईकोर्ट का वह मामला जिसने सबको चौंका दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें एक अभ्यर्थी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में कांस्टेबल के पद पर अपनी अयोग्यता को चुनौती दी थी।
- मामला क्या था?: अभ्यर्थी के शरीर पर टैटू थे। मेडिकल परीक्षण के दौरान उसे ‘अनफिट’ घोषित कर दिया गया।
- अभ्यर्थी की दलील: उम्मीदवार ने दावा किया कि उसने भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही लेजर सर्जरी के जरिए टैटू हटवा लिए थे, इसलिए उसे अब ‘फिट’ माना जाना चाहिए।
- कोर्ट का फैसला: माननीय न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि भर्ती के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि मेडिकल बोर्ड ने एक बार नियम के उल्लंघन के कारण अभ्यर्थी को बाहर किया है, तो प्रक्रिया के बीच में बदलाव करने से पात्रता वापस नहीं मिल जाती।
यह फैसला इस बात की पुष्टि करता है कि टैटू के मामले में नियम जितने कठोर लिखित में हैं, धरातल पर उनका पालन भी उतना ही सख्ती से किया जाता है।

2. भारतीय सेना की टैटू पॉलिसी: क्या कहता है नियम?
भारतीय सेना (Indian Army) और एसएसबी (SSB) की टैटू पॉलिसी बहुत ही स्पष्ट और सख्त है। सेना में अनुशासन सर्वोपरि है, और शरीर पर बने किसी भी निशान को अनुशासन और सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाता है।
A. टैटू के लिए स्वीकृत स्थान (Permitted Areas)
सेना के नियमों के अनुसार, केवल दो विशिष्ट स्थान हैं जहां टैटू की अनुमति दी जा सकती है:
- इनर फेस ऑफ फोरआर्म (Inner Face of Forearm): कोहनी के अंदरूनी हिस्से से लेकर कलाई तक का भाग।
- हथेली का पिछला हिस्सा (Dorsum of the Hand): हथेली के पीछे वाला हिस्सा।
B. टैटू की प्रकृति और आकार (Nature of Tattoo)
स्थान सही होने के बावजूद, टैटू का ‘कंटेंट’ (विषय) महत्वपूर्ण है:
- धार्मिक प्रतीक: हिंदू धर्म के ओम, स्वस्तिक, या क्रॉस जैसे छोटे धार्मिक प्रतीकों को शालीनता के आधार पर अनुमति मिल सकती है।
- नाम: अपने माता-पिता या स्वयं का छोटा नाम लिखा होना स्वीकार्य हो सकता है।
- प्रतिबंध: कोई भी ऐसा टैटू जो अश्लील (Obscene), जातिवादी (Racist), भड़काऊ (Inflammatory) या लिंगभेदी (Sexist) हो, उसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

3. टैटू क्यों वर्जित हैं? (वैज्ञानिक और सुरक्षा कारण)
कई युवाओं के मन में यह सवाल उठता है कि एक छोटे से टैटू से देश की सुरक्षा को क्या खतरा हो सकता है? इसके पीछे कई ठोस कारण हैं:
- संक्रमण का खतरा (Health Risk): टैटू बनवाने की प्रक्रिया में सुइयों का उपयोग होता है। इससे हेपेटाइटिस-बी, सी और एचआईवी (HIV) जैसे रक्त जनित रोगों का खतरा रहता है। सेना में स्वस्थ रक्त और शरीर की आवश्यकता होती है।
- सुरक्षा और पहचान (Security & Identification): युद्ध की स्थिति में या गुप्त अभियानों के दौरान, शरीर पर कोई भी स्थायी निशान आपकी पहचान को उजागर कर सकता है। दुश्मन देश के लिए टैटू वाले सैनिकों को ट्रैक करना आसान हो जाता है।
- अनुशासन और समानता (Uniformity): सेना का अर्थ ही ‘वर्दी’ है। वहां हर कोई एक समान दिखता है। टैटू व्यक्तिवाद (Individualism) को बढ़ावा देते हैं, जबकि सेना सामूहिक शक्ति (Collective Power) पर टिकी है।
4. जनजातीय समुदायों को विशेष छूट
भारतीय संविधान और सेना के नियम सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हैं।
- छूट का आधार: भारत सरकार द्वारा अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों (Tribal Areas) से आने वाले उम्मीदवारों को शरीर पर टैटू रखने की अनुमति दी जाती है, बशर्ते वह उनकी सदियों पुरानी परंपरा और रीति-रिवाजों का हिस्सा हो।
- आवश्यक दस्तावेज: ऐसे उम्मीदवारों को भर्ती के समय एक प्रमाण पत्र (Certificate) जमा करना होता है, जो संबंधित जिले के कलेक्टर या आदिवासी कल्याण अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित हो।

5. मेडिकल परीक्षण और टैटू की जांच
सेना की भर्ती में मेडिकल परीक्षण सबसे कठिन चरणों में से एक है।
- पूर्ण शारीरिक जांच: मेडिकल अधिकारी शरीर के हर इंच की जांच करते हैं। इसमें टैटू को छिपाना लगभग नामुमकिन है।
- फोटोग्राफी: यदि किसी उम्मीदवार के पास स्वीकार्य स्थान पर टैटू है, तो उसकी फोटो खींची जाती है और उसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।
- गलत जानकारी के परिणाम: यदि कोई उम्मीदवार आवेदन के समय टैटू होने की बात छिपाता है और बाद में पकड़ा जाता है, तो उसे ‘धोखाधड़ी’ के आधार पर सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है।
6. क्या लेजर से टैटू हटवाना समाधान है?
बहुत से युवा सोचते हैं कि टैटू बनवाकर बाद में हटवा लेंगे। लेकिन यह जोखिम भरा है:
- दाग (Scarring): लेजर हटाने के बाद अक्सर त्वचा पर सफेद दाग या स्कार रह जाते हैं। मेडिकल जांच में इन स्कार्स को भी ‘अनफिट’ का कारण माना जा सकता है।
- समय: टैटू हटाने की प्रक्रिया में कई सत्र (Sessions) लगते हैं। यदि भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो बीच में टैटू हटवाना आपको कानूनी तौर पर नहीं बचा पाएगा (जैसा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के मामले में हुआ)।

7. युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव (Conclusion)
यदि आप भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना या अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, CISF) में शामिल होने का सपना देख रहे हैं, तो नीचे दी गई बातों का गांठ बांध लें:
- टैटू न बनवाएं: यदि आप छात्र हैं और सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो किसी भी प्रकार का टैटू बनवाने से बचें।
- नियमों को पढ़ें: आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में ‘Tattoo Policy’ को शब्द-दर-शब्द पढ़ें।
- सच्चाई बताएं: यदि पहले से टैटू है, तो उसे छिपाएं नहीं। यदि वह नियम के अनुसार नहीं है, तो आवेदन करने से महीनों पहले उसे अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट से हटवा लें ताकि त्वचा पूरी तरह ठीक हो जाए।
निष्कर्ष: सरकारी नौकरी, विशेषकर रक्षा क्षेत्र की नौकरियां, केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं हैं, बल्कि ये आपके अनुशासन और नियमों के प्रति समर्पण की परीक्षा हैं। एक छोटा सा टैटू आपके वर्षों के परिश्रम पर पानी फेर सकता है। इसलिए, ‘शौक’ से पहले ‘लक्ष्य’ को प्राथमिकता दें।