विनिवेश के बाद बैंक की सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ेगी और कंपनी की बाजार पारदर्शिता भी मजबूत होगी, लंबी अवधि के निवेशकों को मिल सकता है इसका लाभ l

भारत सरकार ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) में अपनी हिस्सेदारी कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए शेयर अब डिस्काउंट पर उपलब्ध हैं, जिससे खुदरा निवेशकों को आकर्षक दाम पर खरीदारी का मिलेगा मौका, नॉन-रिटेल के लिए OFS आज खुल चुका है, जबकि रिटेल निवेशक इसमें कल से बोली लगा सकेंगे l
भारत सरकार के निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने जानकारी दी कि 2 दिसंबर तक OFS केवल नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खुला, वहीं 3 दिसंबर तक रिटेल निवेशक अपनी बोली लगा सकेंगे, सरकार उम्मीद कर रही है कि इस OFS के जरिए उसे करीब ₹2,600 करोड़ जुटाने का मौका मिलेगा l इस बिक्री के बाद सरकार की बैंक में हिस्सेदारी 79.60 प्रतिशत से घटकर 75 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी, यह जरूरी है क्योंकि SEBI के नियमों के तहत लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी जनता के पास होना अनिवार्य है, इससे कंपनी में पारदर्शिता बढ़ती है और किसी एक इकाई का कंट्रोल बहुत अधिक नहीं रहता, OFS के जरिए बैंक इस अनुपालन को पूरा कर पाएगा l

निवेशकों के लिए अवसर –
इस बिक्री से निवेशकों को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में निवेश करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य बैंक की सार्वजनिक हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25% करना है
कितना है शेयर का भाव?
सोमवार को Bank of Maharashtra का शेयर ₹57.70 पर बंद हुआ, वहीं, मंगलवार को सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस ₹54 प्रति शेयर तय किया है, यानी बाजार भाव से कम निवेशकों को कम से कम इस फ्लोर प्राइस या इससे अधिक पर ही बोली लगानी होगी l बैंक ऑफ महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति मजबूत है, जिसने पिछले वर्ष 23% की वृद्धि के साथ 1,633 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है l