नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो (Indigo) के शीर्ष प्रबंधन के लिए कड़ा रुख अपनाया है। नियामक संस्था ने इंडिगो के जवाबदेह प्रबंधक और सीईओ को 6 दिसंबर 2025 को जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) का उत्तर देने के लिए 24 घंटे का अंतिम विस्तार (Extension) दिया है।
मामले की गंभीरता और DGCA की चेतावनी
DGCA ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह समय विस्तार केवल “एक बार” के लिए दिया गया है। नियामक ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एयरलाइन निर्धारित नई समय सीमा के भीतर “पूर्ण और व्यापक” (Complete and Comprehensive) जवाब दाखिल करने में विफल रहती है, तो आगे कोई मौका नहीं दिया जाएगा।

DGCA ने अपने बयान में कहा,
“यदि इंडिगो नियत समय सीमा के अंदर जवाब नहीं देती है, तो डीजीसीए बिना किसी और सूचना के मामले को मेरिट पर लेते हुए एकतरफा कार्रवाई (Ex-parte action) करेगा।”
मुख्य बिंदु:
नोटिस जारी होने की तारीख: 06 दिसंबर 2025
किसे जारी हुआ: इंडिगो के जवाबदेह प्रबंधक और सीईओ को।
ताज़ा अपडेट: जवाब दाखिल करने के लिए 24 घंटे की मोहलत मिली।
नतीजा: जवाब न मिलने पर DGCA सख्त कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा।

यह नोटिस अक्सर निम्नलिखित कारणों में से किसी एक के लिए जारी किया जाता है:
सुरक्षा नियमों का घोर उल्लंघन (Safety Violations): जैसे कि अनिवार्य सुरक्षा ड्रिल या रखरखाव (Maintenance) प्रक्रियाओं की अनदेखी।
पायलट थकान/रोस्टर नियम (FDTL Norms): पायलटों के काम के घंटों और आराम के नियमों का पालन न करना।
ट्रेनिंग में कमी: क्रू या स्टाफ की ट्रेनिंग में पाई गई खामियां।
दस्तावेज़ीकरण में गड़बड़ी: फ्लाइट लॉग्स या सेफ्टी मैनुअल में गलत जानकारी देना।